Chalni Se Chand Kyon Dekha jata hai – जानिए वो 3 मान्यताएं जिनके कारण चाँद को छलनी से देखा जाता है।

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Karva Chauth par Chalni Se Chand Kyon Dekha jata hai :- 2023 में करवा चौथ 01 नवंबर को आ रहा है। जो नवविवाहित महिलायें पहली बार करवा चौथ का व्रत रखेंगी उनके मन में चाँद की पूजा से सम्बन्धित बहुत सारे सवाल आते हैं। जैसे चाँद को छलनी से क्यों देखा जाता है? और चांद को अरग देते समय क्या कहते हैं? तो इस post में जानते हैं इन सवालों के जवाब।

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Chalni Se Chand Kyon Dekha jata hai

करवा चौथ के व्रत को खोलते समय सुहागिन महिलायें पहले छलनी से चाँद को देखती है फिर अपने पति के दर्शन करती हैं। छलनी से चाँद को देखने के पीछे कई धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हैं तो आइए जानते हैं।

  • करवा चौथ कथा से सम्बन्धित धारणा – करवा चौथ की कथा के अनुसार साहूकार के पुत्रों से उनकी बहन भूखी देखी नहीं गई। उन्होंने गाँव से बाहर आग जलाकर बिना चाँद उगे ही अपनी बहन का व्रत खुलवा दिया था। व्रत टूटने के कारण उसके पति की अकाल मृत्यु हो गई थी। इसलिए उसने अगली बार करवा चौथ के व्रत में धोके से बचने के लिए छलनी मे दीपक रखकर चंद्रदेवता के दर्शन किये। तभी से ये पृथा है की कोई आपका धोके से व्रत न तुड़वाएं इसलिए पूरे ध्यान से छलनी में दीपक रखकर चाँद को देखते हैं।
  • ऐसी मान्यता है की चंद्रमा की किरने जब छलनी से होकर सुहागिन पर पड़ती है तो वह किरणे उसके जीवन सौभाग्य लाती हैं।

करवा चौथ का चांद कितने बजे निकलेगा 2023

करवा चौथ का व्रत 2023 में 1 नवंबर को आएगा। व्रत चौथ 2023 को चाँद 8 बजकर 26 मिनट पर निकलेगा। चाँद निकलने के बाद पूर्ण विधि विधान से चंद्रपुजा करें। करवा चौथ पूजा , करवा चौथ की कहानी और चंद्र पूजा के बारे में पढ़ने के लिए हमारी ये post पढ़ें।

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चांद को अरग देते समय क्या कहते हैं?

करवा चौथ की रात को चन्द्रमा को अर्ग देते समय कुछ मंत्र बोले जाते हैं। यह मंत्र अलग अलग जगह पर भाषा में बदलाव के कारण थोड़े थोड़े अलग बोले जाते हैं। आइए आपको बताते है कुछ मंत्र जो चंद्रमा को अर्ग देते समय बोले जाते हैं।

चांद को अरग देते समय क्या कहते हैं
चांद को अरग देते समय क्या कहते हैं

मंत्र 1

हरे बांस की छाबड़ी ,
गले मोतियन का हार
चांद को अरग देऊ जीए‌ मेरे भाई भरतार
आंक तले‌ मेरे सासरे ढाक तले नंदसार
पीहर सासरो ऐसो बसे जैसों कीड़ी को हो नाल

मंत्र 2

चांदा हेलो ऊगीयो, हरिया बांस कटाय,
साजन ऊबा बारने, आखा पाती लाय,
सोना की सी सांकली गले मोत्यां रो हार,
करवा चौथ का चांद ने अरग देवता, जीवो वीर भरतार।
आक तले मेरे सासरा, ढाक तले नंदसार
पीहर सासरो ऐसो बसे, जैसे कीड़ी को किडनाल

करवा चौथ के दिन चांद को अरग कैसे दिया जाता है?

करवा चौथ को चंद्र पूजा कैसे करें और चंद्रदेव को अर्ग कैसे दे इसकी विस्तृत विधि हमारी इस पोस्ट में पढ़ें।

करवा चौथ को चंद्रपुजा कैसे करें – जाने चन्द्रमा को अर्ग देने का सही तरीका ।

करवा चौथ पर चंद्रमा दिखाई नहीं दे रहा है तो क्या करें?

करवा चौथ के व्रत में सारी सुहागिन जो व्रत रखती हैं चंद्रदेव का बहुत बेसब्री से इंतजार करती हैं। इस दिन चन्द्रमा के दर्शन करके व्रत खोला जाता है। लेकिन कई बात ऐसा होता है की खराब मौसम की वजह से बादल आ जाते हैं और चाँद निकल तो जाता है लेकिन बादलों में छुप जाता है। इस कारण हमें चाँद के दर्शन नहीं हो पाते । ऐसी परिस्थिति में व्रत खोलने की हर जगह अपनी अपनी परम्पराएं हैं तो आइए जानते हैं।

  • बुजुर्ग महिलाओं की मान्यता है की अगर चाँद के दर्शन ना हो तो बिना खाना खाये ही सोये। अगली सुबह सूर्योदय के बाद व्रत खोलकर ही खाना खाएं।
  • अगर चाँद नहीं दिखाई दे तो चंद्रोदय का समय देख लें और 1 या 2 घंटे इंतजार करें। अगर फिर भी चाँद न दिखाई दे तो जिस दिशा में चाँद निकलता है उस दिशा में मुँह करके चन्द्रमा को अर्ग दे। भगवान शिव की फोटो में उनके सिर पर लगे चाँद की पूजा करे और व्रत खोलें।
  • अगर आपके पास फोटो उपलब्ध नहीं है तो चावलों से चन्द्रमा की आकृति बनाकर उसकी पूजा करें और व्रत खोलें।

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करवा चौथ के दिन चांद लगभग कितने घंटे देर से निकलता है?

करवा चौथ का व्रत कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को आता है। इस रात चाँद सूर्यास्त से लगभग 3 घंटे बाद निकलता है। करवा चौथ का व्रत रखने वाली सुहागिने चाँद को देखकर चंद्रपुजा के बाद ही भोजन गृहण करती हैं इसलिए इस दिन चाँद निकलने का हर किसी को इंतजार रहता है। तो आइए जानते है करवा चौथ को चाँद देर से क्यूँ निकलता है।

  • कार्तिक माह में सर्दी ऋतु होती है इसलिए सूर्यास्त जल्दी हो जाता है। सर्दी ऋतु में दिन छोटे और रातें बड़ी होती हैं। सूर्यास्त लगभग 6 बजे हो जाता है और चाँद 9 बजे तक निकलता है। इसलिए यह 3 घंटे की अवधि लंबी लगती है ।
  • करवा चौथ चतुर्थी को आता है जो पूर्णिमा के 4 दिन बाद की तिथि है। पूर्णिमा के बाद चाँद देरी से निकलना शुरू हो जाता है । इसलिए 4 दिन बाद यह समय सूर्यास्त के 2 से 3 घंटे बाद का हो जाता है।
  • करवा चौथ को चाँद निकलने का इंतजार रहता है और सब महिलायें पूरे दिन से निर्जला और निराहार होती है। अगर हम किसी का इंतज़ार करते हैं तो समय वैसे भी धीरे निकलता है। सर्दियों में चाँद के निकलने का यही अपना सामान्य समय है लेकिन बाकी दिन हम इस बात पर ध्यान नहीं देते।

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